मैंने मांगा साथ तेरा-कविता

मैंने मांगा है प्रभु से,
सृष्टि के आदिम विभु से
तेरी हर मुस्कान मांगा
हर खुशी, हर चाह मांगा

मैने मांगा है खुशी वो,
दे सकूँ जो अपने प्रिय को,
मैने और सामर्थ्य मांगा,
खुद से खुद का अर्थ मांगा

मैंने मांगा साथ तेरा
मैने मांगा हाथ तेरा
एक नया उल्लास मांगा
एक नया उत्साह मांगा

बन सकू आधार तेरा,
बन सकू संसार तेरा,
मांगा ऐसी एक नज़र जो,
देख पायें हम तुझी को,

निज आंख से मैं देख पाऊं,
ख्वाहिशे तेरी जो पाऊं,
नाम मांगा, पद भी मांगा,
और तेरा संग भी मांगा ।

मैने मांगा है प्रभु से,
सृष्टि के आदिम विभु से…….

प्रशान्त श्रीवास्तव
एडवोकेट

Prashant Srivastava
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