मेरे हर हाल का आलम, तेरे दिल का तराना है,
तेरी मुस्कान होठों पे, मेरे दिल का सहारा है ।
तेरा वो ज़ुल्फ़ चेहरे पे, तेरी वो बोलती आंखे,
तेरी हर एक अदाओ से मेरा रिश्ता पुराना है ।

तेरे वो बात की तहज़ीब, तेरा वो हंस के कुछ कहना,
तेरी दो पल की वो बातें, तेरा वो फ़ोन पे मिलना,
अज़ब अब हाल है मेरा, तू ही मेरा किनारा है ।
तेरी हर एक अदाओ से मेरा रिश्ता पुराना है ।

मुझे है याद वो हर पल, हुई थी जब नई हलचल,
तेरा पल्लू वो साड़ी का, तेरे पैरों की वो पायल,
तेरे पायल की हर घुंघरू का हर किस्सा निराला है,
तेरी हर एक अदाओ से मेरा रिश्ता पुराना है ।

तेरे वो होंठ की लाली, तेरे वो कान की बाली,
तेरे वो आंख का काजल, तेरी वो चाल मतवाली,
तेरी वो रेशमी जुल्फों का, चेहरे पे जो आना है,
तेरी हर एक अदाओ से मेरा रिश्ता पुराना है ।

प्रशान्त श्रीवास्तव