माँ तू थोड़ी देर बाद समझ आती हैं-Mothers Day Poem in Hindi

माँ तू थोड़ी देर बाद समझ आती हैं,
जब तू सुबह सुबह जगाती हैं,
मेरे ना उठने पर आवाज़ पे आवाज़ लगती है,
फिर भी देर से उठती हूं मैं,
जब काम में देर हो जाती हैं,
माँ तू ……………
नाश्ता लेकर मेरे आगे पीछे,
दो चार चक्कर लगती है,
मुझे देर होगा बोल के चली जाती हूं,
फिर जब भूख सताती हैं,
माँ तू ………
जब तू मुझे मेरी गलती बताती हैं,
मै बोलती हूं मा तू नहीं समझेगी,
जब मेरी गलती समस्या बन जाती है,
माँ तू ………2

By-Harshita Srivastava

 

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Harshita Srivastava
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