तारीफ उनकी मुमकिन ही नहीं ( Poem for Father in Hindi)

तारीफ उनकी मुमकिन ही नहीं।
जितना करुँगी कम ही होगा….क्योंकि

खुशियों की एक दुकान है पापा।
बच्चो के दिल का अरमान हैं पापा
बिना बोले ही समझ लेते हैं दर्द हमारे।
जैसे लगता हैं भगवान हैं पापा।।

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तारीफ उनकी मुमकिन ही नहीं।
जितना करुँगी कम ही होगा….क्योंकि

बच्चो की धङकन की सांस हैं पापा।
दुनिया में सबसे खास हैं पापा।
हार कर भी, कभी हारते नहीं।
विश पूरी करने वाले सांता क्लॉस हैं पापा।।

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तारीफ उनकी मुमकिन ही नहीं।
जितना करुँगी कम ही होगा….क्योंकि

नींद अपनी भुला कर सुलाते हैं पापा।
आंसू अपने गिराकर हसाते हैं पापा।
समस्या कभी महसूस नहीं होने देते।
बड़े प्यार से सब कुछ समझाते हैं पापा।।

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तारीफ उनकी मुमकिन ही नहीं।
जितना करुँगी कम ही होगा….क्योंकि

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Harshita Srivastava
I am interested to know and share about health and beauty tips, I have read and keep reading a lot of articles through newspaper, website and other social media platforms, and when we get a good content then I share with you through this website, mostly I share the content experienced by myself, family and my friends, apart from this I also love to write poetry. Whenever I get time I make Poem and I shared that too with you and will continue to do so, thank you so much for your love and support.
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